@hmdhebar3404
भारत अंग्रेजों की अमानत थी। उसको हड़पने की कोशिश में इंडिया-पाकिस्तान बना और
देखिए क्या हालत हुई लोगों की! लोगों की अमानत तो सिर्फ जो वे थे वह थी। यानीकि जंग वाले या लाहोर वाले!
मेरी टिप्पणी_२: अंग्रेजों की अमानत पर देखो, गांधी, नेहरू कैसे
टूट पड़े? यह मौका फिर न आयेगा! कहा कि जंग के गंदी गली कुछों से क्या करना, सारा देश
जो हाथ में आ रहा है! घबराईए मत, हम सारी चीज़ें के नाम बदल
देंगें, कि वह लूट न समझी जाय!
अंग्रेज जैसे बनने का मौका कैसे गवाया जाय? अंग्रेजी
भाषा को अपने हित के लिये आपनाने का मौका कैसे गवाया जाय?
कम से कम भारतीय बनो या तो बनो पाकिस्तानी, पंजाबी ठहरने से क्या फायदा? बनो तहदिल से हिंदू या मुसलमान, न बने रहो सिर्फ जंगवाले
पंजाबी!
हां, एक बात तय है, कि जंग की गंदी गलियां का जिक्र, विडियो तो यह ही दर्शाता
है. गरीबी और अमीरी एक मानसिक पहलू है. जिस को जो पसंद. अमीर लोग चले जाने से उनकी जगा गरीब नहीं ले
सकते! जो संतुलन जो बिगड़ा,
उसके लिए सिर्फ गांधी नेहरू और बनी वनाई लालच जिम्मेदार है।
11:52, 14-06-2026

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें