मेरी टीपण्णीः समय आ गया है कि हर कश्मीरी अपने कश्मीर पर अपना हक जमाए, एक सिंधी अपने सिंध पर, एक पंजाबी अपने पूरे पंजाब पर, और उसी तरह एक बंगाली और अपने बांग्लादेश के लिए। इन निर्दोष लोगों के जीवन में भारत और पाकिस्तान के घोर हस्तक्षेप को समाप्त करने का समय हो चला है। बेहतर होगा कि भारत/'पाकिस्तान वाले विचारधारे को नेस्तानाबूत कर के उसे इतिहास के पन्नों में ढकेल दिया जाए।
5.08 p.m.
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