Greater Bangladesh
मेरी टिपण्णी – ‘(पश्चिम) बंगाल को भारत से अलग करने का जो ग्रेटर बांग्लादेश वाला बनाने का मास्टर प्लान तैयार था उस पर भारत के आम वोटरसोने के ऐसी करारी चोट दी है कि आज सुपरपावरों के पसीने छूट रहें है’
ऐसा विचार इस विडीयो में पाया गया है।
मैं कहूं के यह तो बहुत अच्छी बात है कि ग्रेटर
बांग्लादेश वजुद में आए. विभाजन का असली
मार पंजाब और बांग्ला पर हुआ. पंजाब तैयार
था, और बंगाल तैयार था, एक रहने के लिए लेकीन उस वक़्त के स्वतंत्रता सेनानी को
ग्रेटर भारत की खोज थी.
मंमता बेनर्जी का रवैया कतई बांग्लादेश से हात मिलाने
का नहीं रहा है. हां, ऐसा कह सकतें हैं की
सामनी ओर से मतदाता मिल जाने का उन्हें नागवारा नहीं होता होगा.
पश्चिम जर्मनी और पुर्वी जर्मनी एक हो गएं! इसी तरह पश्चिम बेंगाल और
पुर्व बेंगाल क्यों न एक हो जाय?
हा, खूद एक होने चाहते हैं या नहीं यह एक बात रही, पर जो गैर बेंगाली है उनका
क्या हक कि ऐसा न होने देने का?
सब से बड़ा अपराध नेहरू के पक्ष में जाता है क्योंकि अंग्रेज से लूटी हुई अमानत में से कलकत्ता हट जाना उनको गवारा नहीं था।
4:55 p.m. 31-05-2026

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